कानपुर पुलिस ने एक ऐसे फरार अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है, जो पिछले 40 वर्षों से कानून की आँखों में धूल झोंक रहा था। इस व्यक्ति ने अपना नाम बदलकर 'बाबा पागलदास' रख लिया था और एक कुटिया में रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रहा था। इस लंबी अवधि तक पुलिस से बचने की उसकी यह योजना अंततः विफल हो गई और वह कानून के शिकंजे में आ गया। इस गिरफ्तारी ने स्थानीय प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एक बड़ी राहत का कारण प्रस्तुत किया है। इस घटना का विस्तृत विवरण यह स्पष्ट करता है कि कैसे एक व्यक्ति दशकों तक समाज से कटा रहकर भी पुलिस की रडार से बच सकता है और अंततः कैसे उसकी पहचान उजागर हुई। यह मामला कानपुर के अपराध इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज किया जाएगा, क्योंकि इतने लंबे समय तक फरार रहना किसी भी अपराधी के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अपराधी चाहे कितनी भी चतुराई अपना ले, कानून के हाथ अंततः उसकी गर्दन तक पहुँच ही जाते हैं। इस गिरफ्तारी की प्रक्रिया में स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारियों की टीम ने काफी मेहनत की है, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता हाथ लगी।
कानपुर में 40 वर्षों से फरार अपराधी 'बाबा पागलदास' कुटिया में छिपा मिला, यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार

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