कानपुर के जिला अस्पताल में दफ्तरों में छापेमारी के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को बड़ी लापरवाही और अनियमितताएं मिलीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) की अध्यक्षता में हुई इस कार्रवाई में यह तथ्य सामने आया कि अस्पताल परिसर में 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित थे। यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता है और मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। छापेमारी के दौरान यह भी पता चला कि कई दलाल और बिचौलिए मरीजों के लिए दवाएं और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे। प्रशासन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम गठित करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक उदाहरण है और अन्य अस्पतालों में भी ऐसी अनियमितताएं हो सकती हैं। उन्होंने मरीजों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की दलाली से बचें और सीधे सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से उपचार कराएं। कानपुर के जिला अस्पताल में हुई इस कार्रवाई से स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि अभी भी कई चुनौतियां बाकी हैं। प्रशासन को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी होगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।
दलाल दिखने नहीं चाहिए: कानपुर के जिला अस्पताल में दफ्तरों में छापा, 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मी नदारद

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