राष्ट्रपति के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निरस्त करने की मांग
कुशीनगर। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में सोमवार को एआईएमआईएम कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष शहबाज अहमद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निरस्त करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत एक लोकतांत्रिक और संवैधानिक राष्ट्र है, जहां प्रत्येक नागरिक को शिक्षा प्राप्त करने तथा शिक्षण संस्थानों के संचालन का अधिकार प्राप्त है। एआईएमआईएम ने मांग की कि विश्वविद्यालय के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को निरस्त किया जाए और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया, नियमितीकरण अथवा संयोजन शुल्क के माध्यम से शिक्षण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने का अवसर दिया जाए, ताकि वहां अध्ययनरत हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष शहबाज अहमद ने कहा कि शिक्षण संस्थान समाज के विकास का आधार होते हैं और किसी भी विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाय उसके संचालन का समाधान खोजा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न वर्गों और समुदायों के हजारों छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, इसलिए उसके भविष्य को लेकर सरकार को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो एआईएमआईएम इसका लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेशव्यापी विरोध करेगी।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नोट: इस समाचार में एआईएमआईएम नेताओं द्वारा ज्ञापन और प्रदर्शन के दौरान व्यक्त किए गए आरोप एवं बयान उनके अपने हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
