कानपुर शहर के एक इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए किराए के कमरे में चल रहे फर्जी नोटों की छपाई के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गुप्त अभियान के दौरान पुलिस ने मौके से लाखों रुपये की नकली करेंसी बरामद की है। इसके साथ ही इस अवैध गतिविधि में संलिप्त तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह घटना शहर में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि इस तरह के गिरोह अक्सर आम जनता और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को ठगने के लिए सक्रिय रहते हैं। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्तचरों से इस अवैध छपाई के ठिकाने के बारे में पुख्ता सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया और उक्त स्थान पर अचानक छापेमारी की। जब पुलिस टीम ने किराए के कमरे पर दबिश दी, तो वहां चल रहे इस गैरकानूनी काम का खुलासा हुआ। कमरे के अंदर भारी मात्रा में नकली नोट बनाने का पूरा सेटअप मौजूद था। पुलिस ने मौके से न केवल प्रिंटिंग मशीनें और अन्य आवश्यक उपकरण जब्त किए, बल्कि वहां से लाखों रुपये के फर्जी नोट भी बरामद किए। यह पूरी कार्रवाई बहुत ही सावधानी से की गई ताकि आरोपियों को भनक न लग सके और वे सबूत नष्ट न कर सकें। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें विधिवत हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में इन आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। ये लोग पिछले कुछ समय से इस कमरे में रहकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है, जो इस पूरी प्रक्रिया का प्रबंधन करता था। अन्य दो आरोपी छपाई के काम में उसकी मदद करते थे। पुलिस अब इन तीनों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकली करेंसी बाजार में कहां और कैसे खपाने की योजना थी। इसके अलावा, इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या इनके तार किसी बड़े संगठित अपराध समूह से जुड़े हुए हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से अपना काम कर रहा था। किराए के कमरे का उपयोग करने के पीछे इनका मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की पुलिस या पड़ोसियों की नजरों से बचना था। उन्होंने कमरे में प्रवेश द्वार पर ताला लगा रखा था और अंदर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए थे। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो वहां नोट छापने की मशीनें चालू हालत में मिलीं। इसके साथ ही वहां विशेष प्रकार के कागज, स्याही और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है, जिनका उपयोग उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट तैयार करने में किया जाता था। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि जब्त किए गए सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए ताकि अदालत में पेशी के दौरान कोई कानूनी अड़चन न आए। इस घटना के प्रकाश में आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति इस बात की जांच करेगी कि यह गिरोह किस स्तर तक सक्रिय था और इनके पास अब तक कितनी नकली करेंसी पहुंच चुकी थी। इसके साथ ही, पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन नोटों को बाजार में उतारने के लिए इनका क्या नेटवर्क था। शहर के विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि वे किसी भी संदिग्ध लेनदेन पर कड़ी नजर रख सकें। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते इस गिरोह को नहीं पकड़ा जाता, तो यह नकली करेंसी बाजार में आसानी से घूम सकती थी और आम लोगों का भारी आर्थिक नुकसान कर सकती थी। कानपुर पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे लेन-देन करते समय नोटों की अच्छी तरह से जांच करें, विशेषकर उच्च मूल्य के नोटों की, ताकि वे इस तरह की जालसाजी का शिकार होने से बच सकें। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है और वे भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस मामले की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है और जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
कानपुर के किराए के मकान में फर्जी नोटों की छपाई का भंडाफोड़, लाखों रुपये की नकली करेंसी के साथ तीन गिरफ्तार
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