पानी बचाओ,कमाई बढ़ाओ: 50% अनुदान पर ‘खेत तालाब’ योजना से किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ

💧 पानी बचाओ, कमाई बढ़ाओ: 50% अनुदान पर ‘खेत तालाब’ योजना से किसानों को मिलेगा दोहरा लाभ
कानपुर नगर।
जनपद में किसानों की आय बढ़ाने और वर्षा जल संचयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कृषि विभाग के भूमि संरक्षण अनुभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ घटक में खेत तालाब योजना संचालित की जा रही है। वर्ष 2026-27 के लिए जिले को 14 खेत तालाबों का लक्ष्य आवंटित किया गया है, जिसमें 10 सामान्य वर्ग और 4 अनुसूचित जाति के किसानों के लिए निर्धारित हैं।
योजना के तहत 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और 3 मीटर गहरा लघु खेत तालाब बनाया जाएगा, जिसकी कुल लागत 1.05 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसमें किसानों को 50 प्रतिशत यानी 52,500 रुपये का अनुदान दो किस्तों में दिया जाएगा। पहली किस्त तालाब की खुदाई पूरी होने पर तथा दूसरी किस्त इनलेट और डिस्प्ले बोर्ड बनने के बाद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
किसानों के लिए सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे स्प्रिंकलर या ड्रिप सिस्टम लगवाना अनिवार्य किया गया है, जिस पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त पंपसेट लगाने पर भी 50 प्रतिशत तक, अधिकतम 15 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ उठाने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होगी।
इच्छुक किसान कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर होगी। आवेदन के साथ 1000 रुपये की टोकन धनराशि जमा करनी होगी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। बुकिंग के 15 दिनों के भीतर स्थलीय सत्यापन और 30 दिनों के भीतर तालाब निर्माण कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है।
भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि खेत तालाब योजना के माध्यम से किसान वर्षा जल का संरक्षण कर भूगर्भ जल स्तर में सुधार ला सकते हैं। साथ ही मत्स्य पालन, सिंघाड़ा और मखाना जैसी जलीय खेती अपनाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय या मोबाइल नंबर 9140672262 पर संपर्क कर सकते हैं।
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