9 से 12 जुलाई तक नगर निगम लगाएगा 3.48 लाख पौधे, जगन्नाथ रथयात्रा मार्ग का आज होगा निरीक्षण

कानपुर नगर।

नगर निगम मुख्यालय में मंगलवार को महापौर और नगर आयुक्त की संयुक्त अध्यक्षता में सीएम ग्रिड सड़कों के निर्माण कार्य तथा 9 से 12 जुलाई तक चलने वाले सघन वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में महापौर ने सीएम ग्रिड की सड़कों के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक से डेढ़ वर्ष पहले शुरू हुए अधिकांश कार्य अब तक अधूरे हैं, जिससे जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया। बगिया क्रॉसिंग-केसा कार्यालय मार्ग का एक हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि सीवर लाइन के कारण शेष कार्य रुका है। किदवई नगर मार्बल मार्केट, लाल बंगला रोड, वीआईपी रोड सहित कई स्थानों पर अधिकांश कार्य पूर्ण होने तथा शेष कार्य सितंबर 2026 तक पूरा करने की जानकारी दी गई। कुछ हिस्सों में बरसात के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

महापौर के निर्देश पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने अधूरे निर्माण स्थलों पर खुले सरिए और खुले मैनहोल जैसी खतरनाक स्थितियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित निर्माण एजेंसी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही सभी ठेकेदारों से कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा का शपथपत्र लेने और तय अवधि में कार्य पूरा न होने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए।

बरसात के दौरान जलभराव रोकने के लिए सभी जोनों में पंपों की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। बाकरगंज स्थित जेपी पैलेस के पास धंसे नाले की मरम्मत और सुरक्षा कार्य भी तेजी से कराने की जानकारी दी गई।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 8 जुलाई को महापौर घंटाघर से परेड होते हुए ग्रीन पार्क तक बनने वाली सड़क का निरीक्षण करेंगी, ताकि जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सघन वृक्षारोपण अभियान की समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने बताया कि शासन ने नगर निगम को 2.61 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है, लेकिन नगर निगम ने 3,48,051 पौधे लगाने का निर्णय लिया है। प्रत्येक वार्ड में कम से कम 500 पौधे लगाए जाएंगे तथा स्थानाभाव होने पर पार्कों में पौधरोपण किया जाएगा।

महापौर ने जाजमऊ, सनिगवां, चकेरी, दबौली, फजलगंज, कलक्टरगंज, हंसपुरम, स्वर्ण जयंती विहार और कोपरगंज जैसे अधिक गर्मी वाले वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर अधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने आम, जामुन, कटहल के साथ-साथ गुलर, कैथा और जंगल जलेबी जैसे विलुप्तप्राय वृक्षों के रोपण पर भी विशेष जोर दिया।