कानपुर नगर। प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके कौशल को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सफल कारीगरों को आधुनिक तकनीक आधारित उन्नत टूलकिट भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र ने बताया कि योजना के अंतर्गत बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, सोनार, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची तथा धोबी सहित विभिन्न पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से कारीगरों की कार्यकुशलता बढ़ाने के साथ उन्हें आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जाएगा, ताकि वे अपने व्यवसाय को अधिक प्रभावी और लाभकारी बना सकें।

योजना के लिए इच्छुक एवं पात्र कारीगर 17 जुलाई 2026 तक विभागीय वेबसाइट msme.gov.in पर निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदनकर्ता की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए तथा वह संबंधित ट्रेड में कार्यरत होना आवश्यक है।

उपायुक्त उद्योग ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क एवं आवासीय होगा। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद प्रतिभागियों को आधुनिक टूलकिट प्रदान किए जाएंगे, जिससे वे स्वरोजगार को मजबूती देने के साथ अपनी आय में भी वृद्धि कर सकें।