कानपुर नगर।
शहर में आयोजित एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताते हुए बताया कि बीते कुछ वर्षों में आंतों के कैंसर (Intestinal Cancer) के मरीजों की संख्या में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी खासतौर पर शहरी क्षेत्रों और युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, फास्ट फूड का अधिक सेवन, फाइबर की कमी, देर रात तक जागना, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी इस गंभीर बीमारी के प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले यह बीमारी अधिक उम्र के लोगों में पाई जाती थी, लेकिन अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा कि पेट में लगातार दर्द, मल त्याग में बदलाव, खून आना, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। ये आंतों के कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। समय रहते जांच कराने से इस बीमारी को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की जानकारी देते हुए बताया कि अब एंडोस्कोपी, कोलोनोस्कोपी और एडवांस सर्जरी के माध्यम से आंतों के कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित हो गया है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि संतुलित आहार लें, हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन को प्राथमिकता दें, नियमित व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं।
अंत में विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूकता, सही जीवनशैली और समय पर इलाज ही इस बढ़ती बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

