प्रयागराज स्थित डीआरएम कार्यालय में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार के एक मामले का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी के दौरान सीबीआई की टीम ने कार्यालय के एक एपीओ और एक अधीक्षक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह घटना रेलवे प्रशासन के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है और इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है कि किस प्रकार निचले स्तर के अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करके अवैध लाभ अर्जित करने का प्रयास करते हैं। इस मामले में कानपुर के एक लोको पायलट की भूमिका भी सामने आई है, जिसने यह रिश्वत दी थी। यह पूरी घटना रेलवे के सुशासन और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।