उत्तर प्रदेश: ₹20,000 न्यूनतम वेतन की झूठी खबर पर सरकार का खंडन

उत्तर प्रदेश सरकार ने आज एक भ्रामक सूचना का कड़ा खंडन किया है, जिसमें दावा किया गया था कि राज्य में ₹20,000 न्यूनतम वेतन निर्धारित कर दिया गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में लागू न्यूनतम वेतन ₹16,000 प्रति माह है, जो केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार है। यह जानकारी श्रम विभाग द्वारा जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में किसी भी प्रकार का ₹20,000 न्यूनतम वेतन लागू नहीं है।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने मीडिया से कहा है कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर ऐसी भ्रामक सूचनाएं फैलाई जा रही हैं, जिससे श्रमिकों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। विभाग ने कहा है कि वे इस प्रकार की भ्रामक सूचनाओं की कड़ी निंदा करते हैं।
उत्तर प्रदेश में श्रम कानूनों के तहत न्यूनतम वेतन का निर्धारण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, जो केंद्रीय न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के दिशा-निर्देशों के अनुसार होता है। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को ₹16,000 प्रति माह का न्यूनतम वेतन प्राप्त हो रहा है, जो केंद्र सरकार द्वारा अनुशंसित न्यूनतम वेतन से अधिक है।
श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। विभाग ने कहा है कि यदि किसी के पास भी ऐसी भ्रामक सूचनाओं के बारे में कोई जानकारी है, तो वे विभाग के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि उत्तर प्रदेश में ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबर पूरी तरह से झूठी है और सरकार का इससे कोई सरोकार नहीं है। विभाग ने कहा है कि वे इस प्रकार के भ्रामक दावों को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सक्रिय हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि श्रमिकों के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और न्यूनतम वेतन में किसी भी प्रकार की वृद्धि पर विचार किया जा सकता है, लेकिन यह निर्णय केवल राज्य सरकार द्वारा उचित जांच और विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
यह भी ध्यान दिया गया है कि उत्तर प्रदेश में श्रम विभाग ने श्रमिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें स्वास्थ्य बीमा, शिक्षा सहायता और पेंशन योजनाएं शामिल हैं, जो श्रमिकों के लिए अतिरिक्त लाभ हैं।
श्रम विभाग ने कहा है कि वे श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य करेंगे और किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना से बचने के लिए जनता को जागरूक करेंगे।
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