उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियों में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक सफर को रेखांकित करता है। इस घटनाक्रम का केंद्र बिंदु तब आया जब योगी आदित्यनाथ, जो उस समय अपने गृह जिले गोरखपुर में थे, उन्हें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक फोन आया। यह कॉल मात्र एक साधारण संचार नहीं था, बल्कि एक ऐसा निर्णायक मोड़ था जिसने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख दिया। उस समय के राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम राज्य और केंद्र के बीच समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण था, जहाँ केंद्रीय नेतृत्व ने राज्य के नेतृत्व के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोरखपुर से मुख्यमंत्री तक: अमित शाह के हस्तक्षेप के बाद योगी का राजनीतिक सफर

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