उत्तर प्रदेश में आज से प्री-मानसून बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे राज्य के 35 शहरों में मौसम का मिजाज बदल गया है। यह प्री-मानसून बारिश, जो सामान्यतः मौसम के बदलाव का संकेत देती है, अचानक तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ आई है, जिससे लोगों में हलचल और चिंता का माहौल है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश की पहली बूंदें गिरने से ही मौसम विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग द्वारा राज्य के 35 प्रमुख शहरों में विशेष अलर्ट जारी किए गए हैं, जिसमें लोगों को संभावित आंधी-तूफान और तेज हवाओं के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है। इन अलर्ट के तहत नागरिकों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी समय-समय पर देखते रहें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। इस मौसम की मार का एक स्पष्ट उदाहरण राजधानी लखनऊ में देखने को मिला, जहाँ अचानक तेज हवाओं के कारण एक ऑडिटोरियम की छत पूरी तरह से उखड़ गई। यह घटना दर्शाती है कि बारिश के साथ-साथ आने वाले आंधी-तूफान कितने खतरनाक हो सकते हैं। इसी तरह, राजधानी के एक आवासीय इलाके में अचानक गिरे टिनशेड के एक हिस्से से एक महिला को चोट आई, जो ऐसे मौसम में सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। इन घटनाओं के कारण आम जनता के लिए व्यवधान का कारण बना है। कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने जलभराव से निपटने के लिए टीमें तैनात की हैं, लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसम की एक सामान्य घटना है, लेकिन इसकी तीव्रता ने लोगों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून बारिश का यह दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग अगले कुछ दिनों तक मौसम की निगरानी करेगा और लोगों को समय पर जानकारी देता रहेगा। नागरिकों से अपील है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।