उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। राज्य के कई हिस्सों में पारा 37 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है, जिससे लोगों का हाल बेहाल है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। इस तपिश में सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमारों पर पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा। राजधानी में लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी तापमान 37 डिग्री के आसपास बना हुआ है। कानपुर में भी तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस पहुँच गया है, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। शहर में गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ गई है, जिससे कई इलाकों में लोड शेडिंग हो रही है। गर्मी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा रहता है। प्रयागराज में भी तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गंगा और यमुना के संगम पर स्थित यह शहर भी गर्मी की चपेट में है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आएगी। इस कारण लोगों को लू (हीटवेव) से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। वाराणसी में भी तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर के घाटों पर भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है। गर्मी के कारण गंगा में जल स्तर भी कम हो रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें और धूप में निकलने से बचें। लू से बचने के लिए हल्के और सूती कपड़े पहनना चाहिए।