उत्तर प्रदेश में सातवें वर्ष भी बिजली दरों में स्थिरता बनी हुई है, जिससे राज्य देश का पहला राज्य बन गया है जिसने दरों में वृद्धि नहीं की है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की उपभोक्ता-केंद्रित नीति का एक स्पष्ट संकेत है और आम जनता को राहत प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सात साल तक बिजली की दरों को स्थिर रखने का निर्णय एक रणनीतिक कदम है, जो राज्य के विशाल उपभोक्ता आधार, जिसमें घरेलू और कृषि दोनों क्षेत्र शामिल हैं, को ध्यान में रखकर लिया गया है। यह कदम न केवल घरेलू बजट पर बोझ कम करता है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी स्थिरता प्रदान करता है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलती है।
उत्तर प्रदेश सातवें वर्ष भी बिजली दरों में स्थिरता, देश का पहला राज्य बना

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