उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में 28 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड सेवा में परिवर्तित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस परिवर्तन के अंतर्गत, जो उपभोक्ता पहले से ही इन मीटरों का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें 10 जून तक बिल वितरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम राज्य के बिजली वितरण क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है। इस परिवर्तन के लिए उपभोक्ताओं को अपने मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली से जोड़ने हेतु एक सरल प्रक्रिया अपनानी होगी। इसके लिए उन्हें संबंधित बिजली विभाग के कार्यालय में जाना होगा या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को इस परिवर्तन के लाभों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक लचीलापन और सुविधा प्रदान करना है, जिससे वे अपनी बिजली खपत का बेहतर प्रबंधन कर सकें। पोस्टपेड सेवा में परिवर्तन के साथ, उपभोक्ताओं को बिल भुगतान में विलंब के कारण होने वाले दंड से भी राहत मिलेगी। विभाग का यह निर्णय उपभोक्ताओं को संतुष्ट करने और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए लिया गया है।