उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 453 नेपाली नागरिकों को चंगुल से मुक्त कराया है। यह अभियान, जो राज्य के भीतर संचालित किया गया, नेपाल के नागरिकों को अवैध गतिविधियों के लिए फंसाने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफल रहा। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की जानकारी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी है। यह अभियान विशेष रूप से उन नेपाली नागरिकों को लक्षित करके चलाया गया था, जिन्हें नेपाल से तस्करी कर भारत लाया गया था और विभिन्न शहरों में भीख मंगवाने या अन्य अवैध कार्यों के लिए मजबूर किया जा रहा था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और खुफिया जानकारी के आधार पर, टीम ने एक समन्वित प्रयास के तहत इन व्यक्तियों की पहचान की और उन्हें छुड़ाया। छुड़ाए गए नागरिकों को तत्काल चिकित्सा सहायता, भोजन और सुरक्षित आश्रय प्रदान किया गया। पुलिस ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके गृह देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम उन लोगों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, जो राज्य के संरक्षण में हैं। इस घटना पर नेपाल की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। नेपाल सरकार और वहां के लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस और राज्य सरकार के सराहनीय कार्य की सराहना की है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर आभार व्यक्त किया है, जिसमें विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिया गया है। यह अभियान न केवल 453 नेपाली नागरिकों की जान बचाने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को भी मजबूत करता है। यह भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह अपने नागरिकों और उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे जो उसके क्षेत्र में हैं।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने 453 नेपाली नागरिकों को छुड़ाया, नेपाल ने व्यक्त की कृतज्ञता

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