उत्तर प्रदेश पुलिस के एक कांस्टेबल सुनील कुमार शुक्ला को भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के गंभीर आरोपों के कारण सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह निर्णय उत्तर प्रदेश पुलिस के आंतरिक अनुशासनात्मक तंत्र द्वारा लिया गया है, जो इस मामले की गहन जांच के बाद लिया गया है। कांस्टेबल शुक्ला पर न केवल वित्तीय अनियमितताओं का आरोप था, बल्कि अन्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार और कदाचार के भी आरोप थे, जो पुलिस बल के भीतर जवाबदेही के सिद्धांतों के विरुद्ध थे। इस बर्खास्तगी के साथ ही उनके करियर का अंत हो गया है, जो पुलिस प्रशासन के भीतर कदाचार के प्रति शून्य-सहनशीलता (जीरो-टोलरेंस) की नीति को दर्शाता है।