उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में एक नई रणनीति पर चर्चा जोर पकड़ रही है, जिसमें भगवान हनुमान की छवि और उनके प्रतीकों का उपयोग किया जा रहा है। यह दृष्टिकोण बिहार में देखे गए एक समान रुझान के बाद सामने आया है, जो एक विशिष्ट राजनीतिक विमर्श के संभावित विस्तार का संकेत देता है। इस रणनीति का उद्देश्य एक शक्तिशाली धार्मिक प्रतीक के साथ जुड़कर राजनीतिक आधार को मजबूत करना है, जो राज्य की विविध आबादी के बीच विशेष रूप से प्रभावी हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में हनुमान के माध्यम से राजनीतिक पैठ बनाने की रणनीति
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