उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगामी चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करने की तैयारी कर रही है, जिसे राजनीतिक विश्लेषक 'हैट्रिक' का प्रयास कह रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने और एक मजबूत 'बाउंसबैक' करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। इन दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच इस चुनावी महासमर में राज्य की जनता का समर्थन हासिल करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। यह चुनावी मुकाबला केवल सत्ता का नहीं, बल्कि राज्य में राजनीतिक प्रासंगिकता और भविष्य की दिशा तय करने का भी है। दोनों ही दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभाने में लगे हुए हैं।