उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पूर्व आज विधान भवन, लखनऊ में एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य विधानसभा के आगामी सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी राजनीतिक दलों के बीच समन्वय स्थापित करना और आपसी संवाद को बढ़ावा देना था। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों के नेताओं को संबोधित किया और उन्हें सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। विधान सभा के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस बैठक में राज्य की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ-साथ समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता शामिल थे। यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधानों पर चर्चा और उन्हें पारित करने की संभावना है, साथ ही राज्य के वित्तीय कार्यों और जन-कल्याणकारी मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए एक सकारात्मक और रचनात्मक वातावरण बनाने पर बल दिया। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों से सदन की गरिमा बनाए रखने और रचनात्मक बहस को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनहित के मुद्दों पर चर्चा का सर्वोच्च मंच है और इसका उपयोग राजनीतिक गतिरोध के बजाय राज्य के विकास और जन कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सदन का संचालन शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से भी यह अपेक्षा की कि वे अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाएं और राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर कार्य करें। विपक्ष के नेताओं ने भी बैठक में अपने विचार रखे, जिसमें उन्होंने सरकार को जवाबदेह ठहराने के अपने संवैधानिक कर्तव्य का उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि मानसून सत्र में राज्य की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और कृषि संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सदन के सुचारू संचालन के लिए सर्वदलीय बैठक एक सकारात्मक कदम है। इस संवाद से यह संदेश गया कि भले ही राजनीतिक विचारधाराएं भिन्न हों, लेकिन राज्य के विकास के लिए सहयोग करना सभी दलों का साझा उत्तरदायित्व है। मानसून सत्र के दौरान राज्य के बजट, महत्वपूर्ण विधानों और जन समस्याओं से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की संभावना है। यह सत्र सरकार के लिए अपने कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करने और नए प्रस्तावों को पारित कराने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य प्रक्रियात्मक मामलों पर आम सहमति बनाना है, जिससे सदन का अधिक समय जन-कल्याणकारी मुद्दों की गहन चर्चा में व्यतीत हो सके। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सत्र बिना किसी व्यवधान के चले, सभी दलों के बीच आपसी समझ और सम्मान का वातावरण बनाना आवश्यक है। बैठक का समापन इस सहमति के साथ हुआ कि सभी दल रचनात्मक भूमिका निभाएंगे और विधानसभा की कार्यवाही में सहयोग करेंगे। मुख्यमंत्री योगी की अपील का मुख्य संदेश यह था कि राजनीतिक मतभेदों को विधानसभा की मर्यादा से बाहर रखकर राज्य के विकास और जन कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दी जाए। यह बैठक एक संकेत है कि राज्य सरकार विपक्ष के साथ संवाद के लिए तैयार है और आगामी मानसून सत्र में एक फलदायी और रचनात्मक बहस की उम्मीद है, जो उत्तर प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र से पूर्व सर्वदलीय बैठक में सीएम योगी की विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील
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