हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर क्षेत्र में ब्यास नदी के तट पर सेल्फी लेते समय पांव फिसलने से एक युवती के नदी में गिरने की घटना सामने आई है। इस गंभीर स्थिति में सुजानपुर पुलिस और दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद युवती को सुरक्षित निकाल लिया। यह घटना सेल्फी लेने के खतरों और साहसिक पर्यटन के प्रति बढ़ते रुझान को रेखांकित करती है। घटना की जानकारी के अनुसार, युवती ब्यास नदी के किनारे एक खतरनाक स्थान पर खड़ी होकर मोबाइल फोन से सेल्फी ले रही थी। संभवतः नदी के अस्थिर और फिसलन भरे किनारे के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक नदी में गिर गई। नदी में गिरने के तुरंत बाद युवती बहने लगी, जिससे उसकी जान पर संकट मंडराने लगा। यह घटना किसी के द्वारा देखे जाने और तुरंत पुलिस को सूचित किए जाने के कारण संभवतः एक बड़ी दुर्घटना टल गई। सूचना मिलते ही सुजानपुर पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने बचाव अभियान के लिए दमकल विभाग को भी सूचित किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया ताकि कोई भी अन्य व्यक्ति नदी के किनारे न जाए और बचाव कार्य में बाधा न आए। पुलिस ने स्थानीय लोगों और राहगीरों से सहयोग की अपील की और उन्हें दूर रहने के निर्देश दिए। दमकल विभाग की टीम ने बचाव कार्य की कमान संभाली। नदी के तेज बहाव और खतरनाक तट को देखते हुए यह कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण था। दमकल कर्मियों ने विशेष उपकरणों का उपयोग किया, जिसमें रस्सियाँ, लाइफ जैकेट और बचाव नौकाएँ शामिल थीं। टीम ने नदी के बहाव के विरुद्ध संघर्ष करते हुए युवती तक पहुँचने का प्रयास किया। यह 'कड़ी मशक्कत' इसलिए आवश्यक थी क्योंकि नदी का पानी काफी गहरा और तेज था, जिससे किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए युवती तक पहुँचना असंभव था। दमकल कर्मियों ने अपनी विशेषज्ञता और साहस का परिचय देते हुए एक सटीक योजना बनाई। कई घंटों के निरंतर प्रयास के बाद, दमकल टीम ने युवती को नदी के बीचों-बीच एक चट्टान या रेत के टीले पर फंसा हुआ पाया। उसे वहाँ से निकालने के लिए दमकल कर्मियों ने एक जटिल रस्सी-आधारित बचाव अभियान चलाया। एक-एक कर रस्सी के सहारे टीम के सदस्य युवती की ओर बढ़े और उसे सुरक्षित पकड़कर वापस तट पर खींच लाए। जैसे ही युवती को तट पर लाया गया, वहाँ मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस और दमकल विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई ने एक सफल बचाव अभियान का उदाहरण पेश किया। बचाव के बाद, युवती को प्राथमिक चिकित्सा और जांच के लिए स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। सौभाग्य से, उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई थी, लेकिन सावधानी के तौर पर उसे कुछ समय तक निगरानी में रखा गया। पुलिस ने युवती के परिवार को सूचित किया और उसे उनके सुपुर्द कर दिया। सुजानपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सेल्फी लेने का शौक जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे खतरनाक स्थानों पर सेल्फी लेने से बचें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यह घटना भारत में सेल्फी से संबंधित दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या का एक ज्वलंत उदाहरण है। सोशल मीडिया पर अपनी फोटो साझा करने की होड़ में लोग अक्सर अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। सुजानपुर की यह घटना एक चेतावनी है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ और लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कड़े उपाय करे और लोगों को जागरूक करे। यह बचाव अभियान सुजानपुर पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता और व्यावसायिकता का प्रमाण है, जिसने एक युवा जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ब्यास नदी में सेल्फी के दौरान गिरने से युवती की जान बचाने में सफल रही सुजानपुर पुलिस और दमकल विभाग

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