पीलीभीत जिले के अंतर्गत आने वाले रणचंडी गाँव में एक गंभीर संघर्ष देखने को मिला, जहाँ स्थानीय महिलाओं ने शराब की दुकान खुलवाने के प्रशासन के निर्णय का कड़ा विरोध किया। जब तहसीलदार और दरोगा शराब की दुकान के लिए स्थल निरीक्षण करने पहुँचे, तो गाँव की महिलाओं ने उनका सामना कर लिया। स्थिति शीघ्र ही हिंसक हो गई, क्योंकि महिलाओं ने अधिकारियों को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संघर्ष में अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं, जिनमें तहसीलदार और दरोगा के हाथ-पैर टूटने की सूचना है। घायल अधिकारियों को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। यह घटना दर्शाती है कि कैसे स्थानीय समुदाय के विरोध के कारण सरकारी योजनाओं में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे प्रशासनिक तंत्र को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने के लिए विवश होना पड़ता है। पुलिस ने मामले की संज्ञान लेते हुए जाँच शुरू कर दी है और शामिल महिलाओं की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पीलीभीत प्रशासन ने शराब की दुकान के प्रस्ताव को फिलहाल के लिए स्थगित कर दिया है। यह घटना राज्य में विकास परियोजनाओं और स्थानीय जनता की भावनाओं के बीच बढ़ते तनाव को रेखांकित करती है, जहाँ अक्सर विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रशासनिक कार्य बाधित होते हैं।