रायबरेली से रीलबाजी से जुड़े एक नए रुझान की खबरें आ रही हैं। यह रिपोर्ट स्थानीय सामग्री निर्माण के क्षेत्र में एक चिंताजनक स्थिति की ओर इशारा करती है। जहाँ एक ओर रचनात्मक अभिव्यक्ति की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ तत्वों द्वारा डराने-धमकाने और शक्ति प्रदर्शन की भी चर्चा है। इस मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध हथियारों के प्रयोग की बातें सामने आई हैं। इससे स्थानीय जनता में भय का वातावरण बन गया है। 'दबंगई' की यह पृष्ठभूमि स्थानीय सामाजिक-राजनीतिक परिवेश पर गहरा प्रभाव डाल रही है, जिससे सामान्य नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 'आंखों में खौफ' का यह माहौल न केवल स्थानीय लोगों को बल्कि बाहरी लोगों को भी प्रभावित कर रहा है। यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि कैसे स्थानीय शक्ति प्रदर्शन और डराने-धमकाने की संस्कृति, जो अक्सर रीलबाजी के नाम पर छिपी होती है, समाज में भय और विभाजन का वातावरण पैदा कर सकती है।