रायबरेली में एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक मां और उनकी बेटी पर हमला किया गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस द्वारा इस मामले में की गई कार्रवाई, विशेष रूप से शांति भंग करने के आरोप में चालान काटना, ने स्थानीय प्रशासन की भूमिका को लेकर व्यापक आलोचना को जन्म दिया है। इस घटनाक्रम ने न केवल पीड़ित परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय नागरिक समाज और विभिन्न संगठनों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है। करणी सेना ने इस पूरी घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका और उनके द्वारा अपनाई गई कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह घटना रायबरेली में कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की प्राथमिकताओं को लेकर एक नई बहस का विषय बन गई है।