रायबरेली जिला अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक मरीज के बेटे की कमर टूटी, लेकिन अस्पताल के सिस्टम ने न तो उसे समय पर उपचार दिया और न ही उसकी व्हीलचेयर उपलब्ध कराई। यह घटना स्वास्थ्य सेवा के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करती है। घटना के अनुसार, एक मरीज के बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जब उसकी कमर में गंभीर दर्द की शिकायत हुई, तो उसे तुरंत व्हीलचेयर की आवश्यकता थी। लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उसे यह सुविधा नहीं मिली। इसके बजाय, उसे बिना किसी सहारे के चलने के लिए मजबूर किया गया, जिससे उसकी कमर की हड्डी और अधिक टूट गई। इस लापरवाही की शिकायत पीड़ित परिवार ने की है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों ने उनकी मदद नहीं की। परिवार का कहना है कि अगर समय पर व्हीलचेयर मिल जाती, तो उनकी कमर और अधिक नहीं टूटती। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी गई है। विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस लापरवाही के लिए कौन से कर्मचारी या अधिकारी जिम्मेदार हैं। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है और लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।