लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद राज्य सरकार के आदेश का पालन करते हुए लखनऊ की मेयर ने अपनी सरकारी गाड़ी वापस कर दी है। यह कदम स्वच्छता और सार्वजनिक जीवन में सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है। मेयर ने कहा कि सरकारी गाड़ी का उपयोग व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं होना चाहिए और इसे जनता के कल्याण के लिए समर्पित होना चाहिए। इस निर्णय के साथ ही मेयर ने नगर निगम के सभी अधिकारियों को एक विशेष निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय में टिफिन लेकर आएं, ताकि सरकारी समय का उपयोग व्यक्तिगत कार्यों के लिए न हो। यह कदम कार्यालयों में समय की बर्बादी रोकने और कर्मचारियों को अनुशासित रखने के लिए उठाया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री के 'स्वच्छता ही सेवा है' अभियान के अनुरूप है। इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसे कदम उठाए गए हैं ताकि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो सके। लखनऊ में यह कदम एक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे कार्यालयों में अनुशासन बढ़ेगा और जनता को भी एक संदेश मिलेगा। मेयर ने कहा कि यह केवल एक शुरुआत है और अन्य सरकारी विभागों को भी इस दिशा में काम करना चाहिए। इस निर्णय से लखनऊ की जनता में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। लोगों ने मेयर के इस कदम की सराहना की है। यह दर्शाता है कि सरकार जनता के प्रति कितनी गंभीर है।
प्रधानमंत्री की अपील पर लखनऊ की मेयर ने सरकारी गाड़ी लौटाई, अधिकारियों को टिफिन लाने का निर्देश

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