लखनऊ में प्रतीक यादव की मृत्यु के संबंध में पुलिस की गहन जांच जारी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव को रात 10:30 बजे के आसपास उनके घर पर अचेत अवस्था में पाया गया था। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में धारा 174 (अकस्मात मृत्यु) के तहत जांच शुरू की है। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि प्रतीक यादव पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। उनके परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से काम के दबाव और व्यक्तिगत समस्याओं के कारण तनाव में थे। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह मृत्यु वास्तव में आकस्मिक थी या इसमें कोई अन्य कारण शामिल था। प्रतीक यादव के परिवार ने पुलिस से अपील की है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें। उन्होंने कहा कि प्रतीक की मृत्यु से पहले उनके मन में कोई भी सुसाइड नोट नहीं था, जो यह दर्शाता है कि यह एक आकस्मिक मृत्यु थी। पुलिस अब फॉरेंसिक टीम की मदद से मृत्यु के कारणों की जांच कर रही है। प्रतीक यादव के दोस्तों ने भी बताया कि वे हमेशा हंसमुख और मिलनसार इंसान थे। उनका मानना है कि यह मृत्यु वास्तव में एक आकस्मिक घटना थी। पुलिस का कहना है कि वे सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही एक रिपोर्ट पेश करेंगे। प्रतीक यादव की मृत्यु से लखनऊ में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके परिवार और दोस्तों ने कहा कि वे हमेशा लोगों की मदद करने वाले इंसान थे। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द ही एक अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे।