लखनऊ: प्रतीक यादव, जो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं, का आज सुबह दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उनकी मृत्यु की पुष्टि उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने की है। यह खबर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। प्रतीक यादव पिछले कई दिनों से बीमार थे और उनके स्वास्थ्य में गिरावट की जानकारी उनके करीबी लोगों को थी। उनकी बीमारी के कारण उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उनके पिता मुलायम सिंह यादव और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके स्वास्थ्य की चिंता व्यक्त की थी। समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनके अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए हैं। उनके पार्थिव शरीर को लखनऊ लाया जाएगा, जहाँ राजकीय प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करने के लिए एकत्रित हो रहे हैं। अखिलेश यादव, जो प्रतीक यादव के चचेरे भाई हैं, उनके स्वास्थ्य की चिंता में कई बार अस्पताल गए थे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि प्रतीक यादव के साथ उनके संबंध कितने गहरे थे। प्रतीक यादव का राजनीतिक करियर काफी लंबा रहा है। वे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के रूप में कार्यरत थे और उन्होंने कई चुनाव लड़े। उनकी मृत्यु से पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी के नेता और कार्यकर्ता उनके अंतिम संस्कार में शामिल होंगे और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रतीक यादव उनके लिए एक करीबी साथी थे और उनकी मृत्यु एक बड़ा नुकसान है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस दुख की घड़ी में एक-दूसरे का साथ दें। प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार की तारीख और समय की अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालाँकि, यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इसकी घोषणा की जाएगी। पार्टी के नेता अंतिम संस्कार की तैयारियों पर चर्चा कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए यह एक बड़ा झटका है। प्रतीक यादव पार्टी के एक प्रमुख नेता थे और उनकी मृत्यु से पार्टी की स्थिति पर भी प्रश्नचिह्न लग सकते हैं। हालाँकि, पार्टी के नेता इस दुखद घटना को संभालने के लिए तैयार हैं और वे प्रतीक यादव की यादों को संजो कर रखेंगे।