पीलीभीत स्थित सेहरामऊ थाने परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों और जवानों ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। थाने के अंदर स्थित मंदिर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने पूरे परिसर को एक आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण माहौल से भर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि इसने पुलिस विभाग के भीतर सामुदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे की एक उत्कृष्ट मिसाल भी पेश की। स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों ने मिलकर इस दिन को यादगार बनाया और पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरे विधि-विधान से पालन किया। इस पर्व की मुख्य विशेषता यह रही कि इसमें सभी वर्गों के लोग शामिल हुए और एक साथ मिलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया। सेहरामऊ थाने का यह आयोजन पुलिस प्रशासन द्वारा अपनी जिम्मेदारियों के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के प्रति अपनाए गए सकारात्मक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है। इस अवसर पर थाने के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को भी सामान्य रखा गया था, ताकि सभी लोग बिना किसी चिंता के शांतिपूर्वक उत्सव में भाग ले सकें। कार्यक्रम की रूपरेखा को इस प्रकार तैयार किया गया था कि प्रत्येक प्रतिभागी को अपनी आस्था व्यक्त करने का उचित अवसर मिल सके। मंदिर की सजावट में फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों का उपयोग किया गया, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। यह दृश्य ऐसा था कि जिसे भी देख रहा था, वह इस भक्तिमय वातावरण में खो सा गया था। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सभी को इस शुभ दिन की बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में शांति, प्रेम और एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन से हमें हमेशा सत्य, धर्म और कर्म की प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके उपदेश आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने कि प्राचीन काल में थे। इस संदेश ने वहां मौजूद सभी जवानों और कर्मचारियों के मनोबल को और ऊंचा कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई थी। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार की मधुर ध्वनि गूंजती रही। पुजारियों द्वारा किए गए मंत्रों के उच्चारण ने वातावरण को और भी अधिक पवित्र बना दिया। इसके पश्चात दोपहर के समय भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। जैसे ही रात के बारह बजे का समय निकट आया, उपस्थित सभी लोगों की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। ठीक आधी रात को भगवान कृष्ण की मूर्ति को पालने में झुलाया गया और शंखनाद के साथ जन्मोत्सव मनाया गया। इस क्षण को देखने के लिए थाने के परिसर में भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। सभी ने एक साथ मिलकर जय श्री कृष्ण के उद्घोष किए, जिससे पूरा थाना परिसर गूंज उठा। इस जयकारे ने वहां मौजूद हर व्यक्ति के हृदय में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा और भक्ति का संचार कर दिया। जन्मोत्सव के पश्चात प्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रसाद में पंचामृत, माखन-मिश्री, फल और विभिन्न प्रकार की मिठाइयां शामिल थीं। सभी ने एक साथ बैठकर इस प्रसाद को ग्रहण किया, जो समानता और भाईचारे का एक सुंदर संदेश देता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने इस प्रसाद का आनंद लिया और एक-दूसरे को बधाइयां दीं। सेहरामऊ थाने में आयोजित यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं था, बल्कि यह पुलिस और आम जनता के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत करने का एक माध्यम भी बना। इस अवसर पर कुछ स्थानीय निवासियों ने भी थाने का दौरा किया और पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर इस पर्व की खुशियों में शामिल हुए। इस आपसी संवाद और सहभागिता ने समाज में पुलिस के प्रति एक सकारात्मक छवि बनाने में मदद की। आयोजन समिति द्वारा इस कार्यक्रम की सफलता के लिए किए गए प्रबंध अत्यंत सराहनीय रहे। साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा व्यवस्था तक, हर पहलू पर बारीकी से ध्यान दिया गया था। स्वयंसेवकों ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यातायात प्रबंधन से लेकर पार्किंग की व्यवस्था तक, सभी चीजें सुचारू रूप से संचालित हुईं। इस प्रकार का आयोजन भविष्य में भी इसी प्रकार की योजना के साथ किए जाने की उम्मीद है। सेहरामऊ थाने का यह कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पीलीभीत जिले के अन्य पुलिस थानों के लिए भी एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटा सा प्रयास बड़े पैमाने पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। पुलिस विभाग द्वारा इस तरह के आयोजनों का समर्थन करने से समाज में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और बढ़ता है। अंततः, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि सेहरामऊ थाने में मनाया गया यह जन्मोत्सव पूरी तरह से सफल और यादगार रहा। भक्ति, संगीत और उल्लास के इस अनूठे संगम ने सभी के हृदयों में एक अमिट छाप छोड़ी। भगवान कृष्ण के प्रति अगाध श्रद्धा और प्रेम ने इस अवसर को और भी विशेष बना दिया। उपस्थित सभी लोगों ने इस पावन पर्व को अपने जीवन के यादगार पलों में से एक के रूप में सहेज कर रखा। पुलिस विभाग की यह पहल निश्चित रूप से समाज में एकता और सद्भाव के संदेश को और अधिक सशक्त करेगी।