गोविंद शर्मा फरार, राजस्थान में मिली लोकेशन; करीब 100 करोड़ के टेंडर निरस्त, सात फर्में ब्लैकलिस्ट
कानपुर। नगर निगम में अवैध वसूली, डराने-धमकाने और ठेकों में अनियमितता के मामले में कानपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर के अनुसार इस संबंध में अब तक कुल छह अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। इनमें से दो अभियुक्त गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अभियुक्त गोविंद शर्मा फरार है। पुलिस के मुताबिक उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है और उसकी शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक जांच में ठेकों को प्रभावित करने, ठेकेदारों पर दबाव बनाने तथा अवैध वसूली के तथ्य सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया समाप्त कर लंबित एवं आगामी कार्यों में ऑनलाइन ई-टेंडरिंग व्यवस्था अपनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस के अनुसार करीब 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर शीघ्र री-टेंडरिंग की कार्रवाई की जा रही है।
छह मुकदमों में दो गिरफ्तार, एक आरोपी फरार
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी जानकारी के अनुसार नगर निगम में अवैध वसूली, डराने-धमकाने और ठेकों में अनियमितता से संबंधित मामलों में अब तक छह अभियोग दर्ज किए गए हैं। दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं गोविंद शर्मा फरार है और उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
जांच में ठेकेदारों पर दबाव बनाने और अवैध वसूली के तथ्य सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
100 करोड़ के टेंडर निरस्त, री-टेंडरिंग की तैयारी
जांच के बाद नगर निगम की पुरानी ठेका प्रक्रिया समाप्त कर लंबित और आगामी कार्यों के लिए ऑनलाइन ई-टेंडरिंग व्यवस्था अपनाई जाएगी। पुलिस के अनुसार लगभग 100 करोड़ रुपये के टेंडर निरस्त कर उन्हें दोबारा जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रकरण से जुड़ी फर्मों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार लगभग सात फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बैंक खातों से लेकर अधिकारियों की भूमिका तक जांच
मामले में संबंधित फर्मों के बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि कहीं किसी अधिकारी की भूमिका या संलिप्तता तो नहीं रही। दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रकरण में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस के अनुसार जांच जारी है और फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के साथ-साथ वित्तीय लेन-देन तथा अधिकारियों की संभावित भूमिका की जांच भी आगे बढ़ाई जा रही है।
