उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में प्रीपेड मीटर विवाद ने चुनावी साल में काफी हलचल मचा दी है। राज्य के बिजली विभाग ने कई निजी कंपनियों को प्रीपेड मीटर लगाने के लिए टेंडर जारी किए थे, लेकिन अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। विपक्ष ने इस मामले में सरकार की नरमी पर सवाल उठाए हैं, जबकि सत्ताधारी दल ने जांच का आश्वासन दिया है। इस विवाद का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी महसूस किया जा रहा है, जहां बिजली की बिलिंग को लेकर लोगों में असंतोष है। राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं और प्रभावित उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करें।
उत्तर प्रदेश के शहरों में प्रीपेड मीटर विवाद, सरकार की नरमी पर उठे सवाल
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