उत्तर प्रदेश में खराब मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, लखनऊ, कानपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद और कई अन्य जिलों में बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने पहले ही उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार ने स्कूलों और कॉलेजों को छुट्टी घोषित करने, सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को अस्थायी रूप से बाधित करने और जलभराव वाली जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में मानसून का मौसम आमतौर पर जून से सितंबर तक रहता है, लेकिन इस साल बारिश की तीव्रता और समय सीमा में बदलाव देखा गया है। पिछले साल की तुलना में इस साल बारिश की मात्रा में 15% की वृद्धि हुई है, जिससे किसानों और आम जनता के लिए चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
राज्य सरकार का यह कदम उत्तर प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थितियों को रोकने के लिए उठाया गया है। पिछले दशक में, उत्तर प्रदेश में मौसम संबंधी आपदाओं के कारण 12 लाख से अधिक लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है।
आवागमन पर प्रभाव:
- रेलवे और बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं
- बिजली आपूर्ति में व्यवधान आ सकता है
- सड़क परिवहन में देरी हो सकती है
- बाजार और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं
सरकार ने नागरिकों से सावधानी बरतने और सरकारी आदेशों का पालन करने का आग्रह किया है। बचाव कार्यों के लिए राज्य आपदा प्रबंधन टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
