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कानपुर: अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 18 देशों के विशेषज्ञों ने सस्टेनेबल तकनीकों पर की चर्चा

कानपुर: अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में 18 देशों के विशेषज्ञों ने सस्टेनेबल तकनीकों पर की चर्चा

कानपुर के ऐतिहासिक कांफ्रेंस सेंटर में आज अंतर्राष्ट्रीय सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज फोरम का आगाज हुआ, जिसमें 18 देशों के 500 से अधिक विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है।

मुख्य कार्यक्रम में भारत के पर्यावरण मंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि भारत 'क्लीन गंगा मिशन' और 'नेशनल सोलर मिशन' जैसी पहलों के माध्यम से सस्टेनेबल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत 2030 तक कार्बन उत्सर्जन को 45% कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भारत की नीतियों की सराहना की और अन्य देशों के लिए व्यावहारिक समाधान सुझाए। जर्मनी, जापान, ब्राजील, और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के प्रतिनिधि भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल की भी चर्चा की।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि को मजबूत करेगा और विदेशी निवेश को आकर्षित करने में सहायक होगा। स्थानीय विकास के लिहाज से, कानपुर शहर में बुनियादी ढांचा विकास और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा हुई।

सार्वजनिक क्षेत्रों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा गया, जहां स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। आयोजकों का कहना है कि अगले तीन दिनों तक विभिन्न कार्यशालाएं और तकनीकी प्रदर्शनियां होंगी, जिनमें युवाओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है।

यह आयोजन 15 दिसंबर तक चलेगा, जिसका समापन 'कानपुर सस्टेनेबल डेवलपमेंट चार्टर' के विमोचन के साथ होगा, जिसे विभिन्न देशों की सरकारें हस्ताक्षर कर समर्थन करेंगी।

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