कानपुर: अवैध किडनी व्यापार में सात ट्रांसप्लांट, दो मौतें, आरोपी फरार

कानपुर: अवैध किडनी व्यापार में सात ट्रांसप्लांट, दो मौतें, आरोपी फरार
कानपुर में अवैध किडनी व्यापार के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिससे दो लोगों की जान चली गई है और पुलिस अभी भी मुख्य आरोपी की तलाश में है। यह मामला शहर में मेडिकल टूरिज्म के नाम पर हो रहे अवैध कामों के काले धब्बे को उजागर करता है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पिछले कुछ महीनों से यह रैकेट शहर के अस्पतालों और नर्सिंग होम में सक्रिय था, जहाँ गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनकी किडनी बेची गई। इन सभी ऑपरेशनों को अवैध घोषित कर दिया गया है।
इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी एक स्थानीय डॉक्टर है, जो वर्षों से इस अवैध व्यापार को चला रहा था। पुलिस ने इस रैकेट में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य सूत्रधार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करके कई लोगों को गुमराह किया और उन्हें अपने शरीर के अंगों के बदले नकद भुगतान का लालच दिया।
इस त्रासदी के शिकार दो लोगों की मौत के बाद, उनके परिवारों में मातम पसर गया है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है और सरकार से मुआवजे की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनके अपने लोग ही इस जाल में फंस गए और अब वे अपने अपनों को खो चुके हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि आरोपी ने उन्हें झूठे वादे करके ठगा और अब उसे बचाकर पूरे शहर की सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है।
कानपुर प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस ने कई अस्पतालों के रिकॉर्ड खंगाले हैं और रैकेट के अन्य सदस्यों की पहचान के लिए गहन जांच शुरू की है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे रै
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