लखनऊ दूसरे स्थान पर, प्रयागराज में बढ़े सबसे ज्यादा वोटर

लखनऊ दूसरे स्थान पर, प्रयागराज में बढ़े सबसे ज्यादा वोटर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष सारांश संशोधन (SIR) के अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज जिले में मतदाताओं की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि देखी गई है, जबकि राजधानी लखनऊ दूसरे स्थान पर है। यह घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज जारी आंकड़ों के आधार पर की गई है।
प्रयागराज में कुल मतदाताओं की संख्या 2.33 करोड़ के पार पहुंच गई है, जो पिछले आंकड़ों की तुलना में 4.28 लाख की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है। यह जिले को राज्य में सर्वाधिक मतदाताओं वाला जिला बनाता है। इसके विपरीत, लखनऊ में मतदाताओं की संख्या 2.27 करोड़ दर्ज की गई है, जो राज्य में दूसरे स्थान पर है।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) प्रक्रिया के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
इस बीच, लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था। इस प्रक्रिया में 2.46 करोड़ नए मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। अंतिम मतदाता सूची में कुल 1.98 करोड़ पुरुष, 1.90 करोड़ महिला और 1,000 अन्य मतदाता शामिल हैं।
आयोग के अनुसार, इस बार सबसे अधिक मतदाता जोड़ने वाले जिलों में प्रयागराज, मेरठ और आगरा शामिल हैं। प्रयागराज में 4.28 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की मतदाता संख्या में 1.83% की वृद्धि हुई है।
लखनऊ में 3.41 लाख नए मतदाताओं के जुड़ने से जिले की जनसंख्या में 1.5% की वृद्धि हुई है। राजधानी में पुरुष मतदाताओं की संख्या 1.91 करोड़, महिला मतदाताओं की संख्या 1.86 करोड़ और अन्य मतदाताओं की संख्या 1,000 है।
आयोग के अनुसार, इस बार 2.46 करोड़ मतदाताओं का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.98 करोड़ मतदाताओं को हटाया गया। इस प्रक्रिया में 1.28 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए और 1.13 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए।
विशेष सारांश संशोधन (SIR) के तहत, 15 फरवरी से 15 मार्च 2023 के बीच मतदाता सूची का सत्यापन और संशोधन किया गया था।
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