BREAKING
डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के बारे में कहे गए अपशब्दों की अमेरिका के अंदर भी तीखी आलोचना - BBC | ईरान पर बड़ा हमला, अंधेरे में डूब सकता है देश, इजरायल ने कहा- साउथ पार्स पर अटैक से कंगाल हो जाएगा - AajTak | इंसानी आंखों ने पहली बार देखा चांद का यह हिस्सा, NASA की इन तस्वीरों से हो जाएगी मोहब्बत - News18 Hindi | अमेरिका का ईरान में वो रेस्क्यू मिशन जो बुरी तरह नाकाम रहा था - BBC | वैज्ञानिकों का 'नहले पर दहला', भारत ने हासिल की वह परमाणु तकनीक जो मुट्ठी भर देशों के पास, पीएम मोदी बोले- ... - News18 Hindi
Home /कानपुर

कानपुर में 6 अप्रैल से शुरू होगा अनिवार्य किसान ID अभियान, अनाज की बिक्री पर लगेगी रोक

टीम पुलिस प्रहरी
2 दिन पहले
कानपुर में 6 अप्रैल से शुरू होगा अनिवार्य किसान ID अभियान, अनाज की बिक्री पर लगेगी रोक

कानपुर जिले में एक नया और कड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है, जो 6 अप्रैल से प्रभावी होगा। यह अभियान कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को रोकने के लिए शुरू किया गया है। इसके तहत, अनाज की बिक्री के लिए किसानों के पास अनिवार्य किसान ID होना अब आवश्यक होगा। यह कदम किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और बाजार में गुणवत्तापूर्ण अनाज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

सरकार का मानना है कि किसान ID प्रणाली से अनाज की आपूर्ति श्रृंखला में एक डिजिटल ट्रेल बनेगा, जिससे अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी। पहले, कई बार यह शिकायतें आती थीं कि अनाज का स्टॉक छिपाकर कालाबाजारी की जाती है और किसानों को कम दाम पर अपनी उपज बेचने पर मजबूर किया जाता है। किसान ID के माध्यम से प्रत्येक किसान की पहचान को उनके भूमि रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल पंजीकृत और वैध किसान ही अपने उत्पाद को आधिकारिक मंडी में बेच सकें।

इस अभियान की धरातलीय निगरानी के लिए पंचायत सहायकों और लेखपालों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इन अधिकारियों को गांव स्तर पर सर्वे करने, किसानों की किसान ID की स्थिति की जांच करने और किसी भी अनधिकृत बिक्री पर कार्रवाई करने का काम सौंपा गया है। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक किसान को समय पर अपनी ID मिल जाए और वह अपने रिकॉर्ड को अपडेट करा सके।

इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए किसानों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय या लेखपाल से संपर्क कर अपनी किसान ID बनवाने की प्रक्रिया पूरी करें। जिन किसानों के पास वैध किसान ID नहीं होगी, उन्हें अपनी उपज मंडी में बेचने पर रोक का सामना करना पड़ेगा, जिससे वे निजी व्यापारियों पर निर्भर हो सकते हैं। यह कदम कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका सीधा लाभ किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को मिलेगा।

Share this story