लखनऊ में गैस कि किल्लत पर AAP छात्रों विंग का विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ

लखनऊ के एक प्रमुख विश्वविद्यालय के पास शनिवार को आम आदमी छात्र संघ (AAP Students' Wing) द्वारा गैस कि किल्लत के विरोध में किया गया प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। यह घटना शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है और एक संवेदनशील मुद्दे पर छात्रों की बढ़ती नाराजगी को दर्शाती है।
शुरुआत में, छात्र संघ के सदस्यों ने एलपीजी सिलेंडरों की अनियमित आपूर्ति और कीमतों में अचानक हुई वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास नारेबाज़ी शुरू की और केंद्र सरकार तथा राज्य प्रशासन के खिलाफ ताज़ा कीमतों के विरोध में प्रदर्शन किया। भीड़ बढ़ने के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की ओर जाने वाली एक मुख्य सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात ठप हो गया और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को सड़क खाली करने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण तनाव बढ़ गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया, जिसके परिणामस्वरूप अराजकता फैल गई। झड़प के दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए।
घटना के बाद, पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में ले लिया और उनके खिलाफ दंगा भड़काने तथा सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के आरोप लगाए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ था, लेकिन भीड़ के हिंसक होने और कानून-व्यवस्था बाधित करने के प्रयास के बाद ही बल प्रयोग करना पड़ा।
इसके विपरीत, AAP छात्रों विंग ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। विंग के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण था और पुलिस ने बिना किसी उकसावे के लाठीचार्ज किया। उन्होंने मांग की कि गिरफ्तार छात्रों को तत्काल रिहा किया जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
यह घटना उत्तर प्रदेश में जीवन यापन की बढ़ती लागत और विरोध प्रदर्शन के मौलिक अधिकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है। मामले की जांच की जा रही है और प्रशासन अब इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए या कीमतों के मुद्दे पर संवाद की गुंजाइश बनाई जाए।
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