नशे के खिलाफ हुंकार: मंदिर,स्कूलों व बाजारों के पास अब शराब के ठेके बर्दाश्त नहीं

नशे के खिलाफ हुंकार: मंदिरों और मुख्य बाजार के बीच शराब के ठेके बर्दाश्त नहीं
कानपुर, 30 मार्च। शहर में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ सोमवार को कड़ी आवाज उठाई गई। कर्रही स्थित गुजैनी बिल्डिंग चौराहा (पेट्रोल लाइन) पर भगवती मानव कल्याण संगठन एवं भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के तत्वावधान में जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन संगठन के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। इस दौरान वक्ताओं ने क्षेत्र में बढ़ते नशे के प्रसार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए गंभीर खतरा बताया।
मुख्य वक्ता परमसंत योगीराज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के संदेश को पढ़कर सुनाया गया, जिसमें कहा गया कि मंदिरों, विद्यालयों और मुख्य बाजार क्षेत्रों के आसपास शराब के ठेके किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। ऐसे स्थानों पर ठेकों की मौजूदगी से न केवल धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है, बल्कि युवाओं और बच्चों पर भी इसका गलत असर पड़ता है।
वक्ताओं ने कहा कि नशा समाज की नैतिक जड़ों को कमजोर कर रहा है और इससे अपराध व अराजकता को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आबादी वाले क्षेत्रों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के आसपास से शराब के ठेकों को तत्काल हटाया जाए।
सभा में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो संगठन व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे से दूर रहें और समाज को जागरूक करने में आगे आएं।
अंत में उपस्थित लोगों ने “नशा नहीं, न्याय चाहिए” और “अराजकता मुक्त क्षेत्र” के नारों के साथ अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
(संवाददाता)
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