रायबरेली में व्यापारियों ने वाणिज्य कर विभाग पर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए

रायबरेली में एक नई राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तब पैदा हो गई है जब व्यापारियों के एक समूह ने वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों पर गंभीर भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि विभाग की एक महिला अधिकारी, सलोनी भारद्वाज के नेतृत्व में, उन्हें परेशान किया जा रहा है और उनसे अवैध उगाही की जा रही है। इस पूरे मामले ने स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच चिंता पैदा कर दी है।
व्यापारियों का आरोप है कि सलोनी भारद्वाज के नेतृत्व में विभाग के कर्मचारी व्यापारियों को परेशान कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि बिना किसी अवैध भुगतान के कोई भी काम नहीं होता। इसमें व्यापार लाइसेंस के नवीनीकरण, टैक्स छूट के आवेदन और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को जानबूझकर देरी से निपटाना शामिल है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन कामों को समय पर करने के लिए उन्हें भारी रकम की मांग की जा रही है, जिससे वे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
वाणिज्य कर विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि सभी कार्य कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किए जा रहे हैं और व्यापारियों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। विभाग ने कहा है कि वह इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को भेज रहा है ताकि सच्चाई का पता चल सके।
इस घटनाक्रम ने रायबरेली में एक तनावपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय व्यापारियों ने मिलकर एक मोर्चा बना लिया है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले को राज्य सरकार और आला अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया गया है। सलोनी भारद्वाज को भी इस विवाद के बीच अपनी सफाई देनी पड़ी है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह मामला कितना गंभीर है और इसमें क्या कार्रवाई की जाती है।
Share this story