रायबरेली में जर्जर बिजली लाइनों ने बढ़ाए खतरे के साये, शिकायत के बावजूद विभाग बेपरवाह

रायबरेली में जर्जर बिजली लाइनों ने बढ़ाए खतरे के साये, शिकायत के बावजूद विभाग बेपरवाह
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में जर्जर बिजली लाइनों का खतरा एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। पिछले कई महीनों से शिकायत के बावजूद बिजली विभाग की सुस्ती के कारण ये खतरनाक तार जनता के लिए जानलेवा बन चुके हैं। इस समस्या के विरुद्ध ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी सुरक्षा की मांग की है।
रायबरेली के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली की लाइनें पिछले कई वर्षों से जर्जर अवस्था में हैं। ढीले तारों, टूटे हुए खंभों और खुले कंडक्टरों के कारण बिजली के झटके लगने और आग लगने का खतरा लगातार बना रहता है। विशेष रूप से मानसून के मौसम में ये जोखिम और बढ़ जाता है, जब बारिश के कारण बिजली के तार जमीन पर लटकने लगते हैं।
ग्रामीणों की मानें तो बिजली विभाग के प्रति उनकी शिकायतें पूरी तरह से अनसुनी कर दी गई हैं। कई बार लिखित शिकायतें दर्ज कराई गई, लेकिन न तो समय पर कार्रवाई हुई और न ही कोई सुधार देखा गया। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य बिजली कार्यालय के बाहर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जब तक तत्काल कार्रवाई नहीं होगी, वे प्रदर्शन जारी रखेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा है, क्योंकि उनके घरों और बच्चों की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है।
रायबरेली के बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे समस्या से वाकिफ हैं और मरम्मत कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार यह प्रक्रिया बहुत धीमी है और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षा की गारंटी चाहिए।
इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इस मामले में विभाग की विफलता को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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