रायबरेली के प्रतिष्ठित मनसा देवी मंदिर में आज भव्य रामनवमी उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय भक्तों और पर्यटकों की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर परिसर रामलीला मैदान की भांति सजे-धजे था, जहां भगवान राम की जीवन गाथा से संबंधित विभिन्न झांकियों ने सबका मन मोह लिया।
मुख्य आकर्षण के रूप में मंदिर में स्थापित राम दरबार की झांकी आकर्षण का केंद्र रही। इस झांकी में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की दिव्य रूप में सुंदर मूर्तियों को सजाया गया था। प्रत्येक मूर्ति को फूलों की मालाओं, वस्त्रों और दिव्य प्रकाश से विशेष रूप से सजाया गया था। विशेष रूप से, राम दरबार की झांकी में राम की जन्मभूमि अयोध्या का भी सुंदर चित्रण किया गया था, जो देखने में अत्यंत मनमोहक था।
मंदिर की बाहरी दीवारों और गर्भगृह को फूलों की झालरों, तोरणों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। मंदिर में सुबह से ही भजन-कीर्तन का सिलसिला चल रहा था, जिसमें स्थानीय कलाकार और भक्त मिलकर रामचरितमानस की रचनाएं सुना रहे थे।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मंदिर में माथा टेककर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से रामनवमी के अवसर पर विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी अप्रिय घटना न हो।
इस उत्सव में महिलाओं और बच्चों की संख्या विशेष रूप से अधिक रही। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में रामनवमी की खुशियां मनाई, जबकि बच्चों ने मंदिर परिसर में बने रंग-बिरंगे झूला-झूलों का आनंद लिया।
आयोजन का समापन शाम को आरती के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने पिछले कई महीनों से तैयारी की थी, जिसमें स्थानीय लोगों ने भी भरपूर सहयोग किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व का है, बल्कि यह रायबरेली की संस्कृति और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। रामनवमी के अवसर पर मनसा देवी मंदिर में हुई यह आयोजन अगले कई वर्षों तक याद रखी जाएगी।
