हमीरपुर में नवनिर्मित डामर सड़क की अचानक धंसने से हड़कंप, घेराव तक पहुंचे अवर अभियंता

हमीरपुर: शहर में एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बच गई जब नवनिर्मित डामर सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। यह घटना तब हुई जब स्थानीय निवासियों ने सड़क की गुणवत्ता की जांच करने के लिए उस पर हाथ लगाया। इस घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने अवर अभियंता का घेराव कर दिया और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

यह घटना मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे हुई जब हजरतगंज क्षेत्र में सड़क के एक हिस्से पर पानी का रिसाव होने लगा। जब लोगों ने इसकी सूचना दी, तो नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभालने की कोशिश की। हालांकि, जब एक स्थानीय निवासी ने सड़क की जांच के लिए उस पर हाथ लगाया, तो पूरा हिस्सा अचानक धंस गया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पूरे जिले में हलचल मच गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले एक महीने से नवनिर्मित सड़क पर भारी वाहन चलाए जा रहे थे, जिससे सड़क की नींव कमजोर हो गई है।

नगर निगम के अवर अभियंता रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि यह सड़क 15 दिन पहले ही बनी है और अभी तक इसके गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि "हम जांच कर रहे हैं कि क्या गुणवत्ता में कोई कमी रही है। हालांकि, यह एक गंभीर मामला है और हम जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।"

घटना के बाद से हजरतगंज क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। स्थानीय व्यापारियों ने सड़क बंद करने की मांग की है और कहा है कि जब तक सड़क की गुणवत्ता की जांच नहीं होती, तब तक वे सामान का परिवहन नहीं करेंगे।

जनता दल (एस) के स्थानीय नेता भी इस मामले में संज्ञान ले रहे हैं। उनका कहना है कि "जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, हम सड़क के निर्माण पर रोक लगाएंगे।"

इस घटना के बाद से पूरे जिले में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस एजेंसी ने इस सड़क का निर्माण किया और गुणवत्ता की जांच क्यों नहीं की गई। नगर निगम अब इस मामले की जांच के लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और सड़क के निर्माण की पूरी जांच की जाए।

यह घटना न केवल हजरतगंज क्षेत्र में बल्कि पूरे जिले के लिए एक सबक है कि गुणवत्ता जांच के बिना जल्दबाजी में किए गए निर्माण कार्य खतरनाक हो सकते हैं।