कन्नौज में शिकायत के बावजूद पुलिस की सुस्ती, पिता-पुत्री की हुई प्रताड़ना

कन्नौज के एक गाँव में एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ एक पिता और उनकी पुत्री को एक घटना के बाद क्रूरतापूर्वक प्रताड़ित किया गया, जबकि उन्होंने न्याय पाने के लिए स्थानीय पुलिस का दरवाजा खटखटाया था। यह मामला कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
घटनाक्रम के अनुसार, पीड़ित दंपत्ति अपने खेतों में पशुपालन का कार्य कर रहे थे, तभी उनके भैंस के बछड़े का शृंग टूट गया। इसी छोटी सी घटना को लेकर बछड़े के मालिक या उसके सहयोगियों ने दंपत्ति पर हमला कर दिया। पीड़ित पिता और पुत्री को जमीन पर पटक दिया गया और उनके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की गई कि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इस पूरी घटना का गवाह गाँव के अन्य लोग भी थे।
जब दंपत्ति को अपनी पीड़ा का अहसास हुआ, तो उन्होंने तत्काल स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बछड़े के मालिक की पहचान की और शिकायत में उसके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। हालांकि, पुलिस की कथित निष्क्रियता के कारण मामला और बिगड़ गया। पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया और न ही प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की, जो किसी भी आपराधिक जांच के लिए अनिवार्य होती है। पुलिस की इस सुस्ती के कारण पीड़ित परिवार को न्याय की आशा के बिना ही छोड़ दिया गया।
इस घटना के बाद से ही परिवार के सदस्य भयभीत हैं और उनके मानसिक आघात को देखकर गाँव के लोग भी सकते में हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि बछड़े के मालिक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और उनके साथ हुए अत्याचार के लिए उन्हें दंडित किया जाए। पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे पुलिस की उदासीनता न केवल अपराध को बढ़ावा देती है बल्कि पीड़ितों को न्याय पाने से भी वंचित करती है। मामले की निष्पक्ष जांच होने और दोषियों को कड़ी सजा मिलने की उम्मीद अब पूरे गाँव के लिए एक बड़ी परीक्षा है।
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