बनारस के घाटों पर इफ्तारी और चिकन बिरयानी फेंकने का मामला: 14 गिरफ्तार

बनारस में गंगा नदी के बीच एक नाव पर इफ्तारी मनाते हुए 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चिकन बिरयानी के बचे हुए खाने को नदी में फेंककर पर्यावरण संरक्षण कानूनों का उल्लंघन किया है। यह घटना शहर के घाटों पर हुई, जिससे पुलिस ने कड़ा कार्रवाई की।
घटना की जानकारी के अनुसार, पिछले दिन शाम को कई लोगों ने नाव पर इफ्तारी के लिए एकत्रित होकर भोजन किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद, सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया। अधिकारी का कहना है कि यह न केवल गंगा की स्वच्छता के लिए हानिकारक है, बल्कि धार्मिक भावनाएं भी आहत करती हैं। पुलिस ने इस मामले में गंगा नदी (प्रदूषण निवारण) अधिनियम, 1984 और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के तहत मामला दर्ज किया है। यह अधिनियम नदी में किसी भी प्रकार के कचरे, खाद्य सामग्री या गैर-बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं को फेंकने पर कड़ा प्रतिबंध लगाता है। इफ्तारी के बचे हुए चिकन बिरयानी को फेंकना इस कानून का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।
गिरफ्तार सभी व्यक्तियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने घटना स्थल से बरामद चिकन बिरयानी के बचे हुए बर्तनों को भी जब्त कर लिया है। स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखें और किसी भी प्रकार के प्रदूषण में योगदान न दें। यह घटना धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की निरंतर चुनौती को रेखांकित करती है। हालांकि इफ्तारी जैसे त्योहारों में लोगों का इकट्ठा होना स्वाभाविक है, लेकिन यह मामला गंगा नदी की स्वच्छता के प्रति एक गंभीर खतरे को दर्शाता है। इसके लिए निरंतर जागरूकता और कड़े प्रवर्तन की आवश्यकता है।
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