प्रयागराज में मासूम के अपहरण में चाचा और शिक्षक की भूमिका, पुलिस जांच में नया मोड़

प्रयागराज में एक हैरान कर देने वाले मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि मासूम के अपहरण में मामा के बजाय उसके चाचा और स्कूल शिक्षक का हाथ था। यह मामला पिछले सप्ताह से चर्चा में है, जब एक 7 साल के बालक को उसके स्कूल से अगवा कर लिया गया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।
घटना 15 अक्टूबर को हुई जब पीड़ित बालक स्कूल से छुट्टी के बाद अपने घर जा रहा था। तभी एक सफेद कार में सवार दो व्यक्तियों ने उसे जबरन अगवा कर लिया। पुलिस की गहन जांच में पता चला कि यह अपहरण कोई साधारण फिरौती का मामला नहीं बल्कि पूर्व नियोजित था।
पुलिस ने जब पड़ताल की तो पाया कि आरोपी की पहचान चाचा रामस्वरूप और स्कूल शिक्षक विजय सिंह के रूप में हुई। दोनों ने मिलकर इस योजना को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, चाचा ने पहले बालक को स्कूल छोड़ने के बहाने बुलाया और फिर शिक्षक ने उसे रास्ते में ही रोका।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन से यह साफ हो गया कि दोनों आरोपियों ने मिलकर काम किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है।
आरोपियों के खिलाफ धारा 363, 364, 365 और पोक्सो (POCSO) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर देंगे।
इस मामले के बाद से प्रयागराज में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस ने सभी सरकारी स्कूलों में सुरक्षा जांच तेज कर दी है। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला न केवल एक मासूम की सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि समाज में बढ़ते अपराध को भी दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही इस मामले का पूरा खुलासा करेंगे और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएंगे।
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