पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन विभाग की चेतावनी: मानसून सीजन में किसानों से अपील, ये काम बिल्कुल न करें

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आसपास के किसानों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। वन विभाग ने बताया है कि मानसून और उसके बाद के सीजन को सबसे खतरनाक माना गया है, और इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग के मुताबिक, इस समय जंगल में पानी की भरपूर उपलब्धता और हरियाली होने के कारण बाघों का जंगल में घूमना काफी बढ़ जाता है, जिससे इंसानों से उनके टकराने का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए, किसानों से अपील की गई है कि वे इस सीजन में किसी भी हाल में जंगल में न जाएं।
वन विभाग ने साफ तौर पर कहा है कि किसान इन कामों से पूरी तरह बचें: 1. जंगल के अंदर या बफर जोन में न जाएं। 2. मवेशियों को चराने के लिए न ले जाएं। 3. जलाऊ लकड़ी, चारा या अन्य वनोपज इकट्ठा न करें। 4. जंगल के अंदर अस्थायी घर या झोपड़ियां न बनाएं। विभाग ने यह भी कहा है कि अगर किसानों का जंगल के अंदर जाना बहुत जरूरी हो, तो वे बड़े समूहों में जाएं और चलते समय आवाज करें ताकि बाघों को पता चल सके और वे डर कर भागें नहीं।
यदि किसानों का जंगल के अंदर जाना बहुत जरूरी हो, तो उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। वे बड़े समूहों में जाएं, चलते समय आवाज करें ताकि बाघों को पता चल सके, और तय रास्तों पर ही चलें। अपने मवेशियों को जंगल की सीमा से दूर मजबूत शेड में रखें। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे विभाग के नियमों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की सुरक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जनता का सहयोग बहुत जरूरी है।
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