बदले मौसम में पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए आश्रय स्थलों में तैयारी के निर्देश

बदले मौसम में पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए आश्रय स्थलों में तैयारी के निर्देश
उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम के दौर में पशुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे आने वाले समय में होने वाली लू (हीटवेव) के लिए पशु आश्रय स्थलों को पूरी तरह तैयार रखें।
उत्तर प्रदेश के पशु कल्याण विभाग के अनुसार, लू की संभावना को देखते हुए आश्रय स्थलों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था, छायादार क्षेत्रों और कूलिंग सिस्टम की जांच की जा रही है। विशेष रूप से हरदोई जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जहां पशुओं की संख्या अधिक है, वहां विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि "गर्मी के मौसम में पशुओं को विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। निर्जलीकरण (डीहाइड्रेशन) और हीट स्ट्रोक से बचने के लिए नियमित पानी की आपूर्ति और छायादार स्थान अनिवार्य हैं।"
प्रशासन ने निर्देश दिया है कि आश्रय स्थलों में आपातकालीन चिकित्सा किट, पीने का पानी और बिजली की बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, पशुओं को पानी पिलाने का समय सुबह और शाम के ठंडे घंटों में रखने की सलाह दी गई है।
हरदोई जैसे शहरों में जहां पशुओं की संख्या काफी अधिक है, वहां नगर निगम ने भी अपने स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। नगर आयुक्त का कहना है कि "हम हरदोई में 50 से अधिक आश्रय स्थल चला रहे हैं और वहां पानी की टंकियों के साथ-साथ कूलिंग व्यवस्था की गई है।"
विशेषज्ञों का सुझाव है कि घर के मालिकों को भी अपने पालतू पशुओं की देखभाल के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि लू का असर पालतू पशुओं पर भी पड़ता है।
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