उन्नाव दुष्कर्म कांड में पुलिसकर्मियों की बरी, कोर्ट ने FIR न करने की वजह बताई

उन्नाव दुष्कर्म कांड में एक बड़ी राहत देते हुए, उन्नाव के तीन पुलिसकर्मियों को आज अदालत ने बरी कर दिया है। यह निर्णय उस समय आया है जब अदालत ने पाया कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने में देरी की थी।
उन्नाव का यह मामला पिछले साल सुर्खियों में आया था जब एक 17 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था। पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की थी, जिसके कारण अदालत ने यह निर्णय लिया।
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिल पाया। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत लापरवाही के लिए उन्हें दंडित नहीं किया जा सकता क्योंकि यह एक प्रशासनिक विफलता थी।
इस फैसले पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोगों ने इसे न्याय की विफलता माना है, जबकि कुछ का कहना है कि यह प्रशासनिक तंत्र की खामियों को दर्शाता है।
उन्नाव जिले में अपराध दर को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मामले के बाद से जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय पुलिस प्रशासन की जवाबदेही पर एक बड़ा प्रश्न खड़ा करता है। पुलिसकर्मियों को बरी करने के साथ-साथ अदालत ने यह भी कहा है कि प्रशासनिक लापरवाही के लिए विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब उच्च न्यायालय में जाएगा, जहाँ इस फैसले को चुनौती दी जा सकती है।
उन्नाव का यह मामला उत्तर प्रदेश में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक नया अध्याय लिख रहा है।
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