उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के समक्ष प्रश्नपत्र की जटिलताएं, STF की निगरानी में रहे परीक्षा केंद्र

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के समक्ष प्रश्नपत्र की जटिलताओं और STF की निगरानी में रहे परीक्षा केंद्रों के कारण परीक्षा की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। प्रयागराज के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को तकनीकी खराबी और प्रश्नपत्र के अस्पष्ट होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे कई परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई हुई।
प्रयागराज के सिविल लाइन्स स्थित पुलिस लाइन परीक्षा केंद्र पर तो स्थिति और भी गंभीर थी, जहां STF की विशेष टीम ने अचानक छापेमारी की और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस कार्रवाई के बाद कई केंद्रों को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया और अभ्यर्थियों को पुनः परीक्षा की तिथि की प्रतीक्षा करने को कहा गया।
राज्य पुलिस विभाग के अनुसार, तकनीकी खराबी के कारण प्रश्नपत्र के कुछ हिस्सों में गड़बड़ी हुई थी, जिसके कारण अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नपत्र को समझना कठिन हो गया था। STF की यह कार्रवाई पिछले कई महीनों से पुलिस भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचे तो उन्हें प्रवेश पत्र की स्कैनिंग में देरी का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें निर्धारित समय के बाद ही प्रवेश मिला। कई अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर इस समस्या के बारे में जानकारी साझा की, जिससे परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। STF ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का वादा किया है।
प्रयागराज के अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की है और मांग की है कि ऐसी अनियमितताओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया जाए। पुलिस भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा है।
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