अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार: फर्रुखाबाद में दरोगा परीक्षा में घोर शिथिलता

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान एक गंभीर घटनाक्रम सामने आया है, जहाँ परीक्षा केंद्र पर अराजकता और अभ्यर्थियों के साथ दुर्व्यवहार की घटना घटी। शनिवार को जब अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने लगे, तब कुछ उपद्रवियों के एक समूह ने अभ्यर्थियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने अभ्यर्थियों के जूतों और मोजों को जबरन उतार दिया और उनके कलावा को भी काट दिया, जो कि एक गंभीर अपराध है और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं शारीरिक मानक परीक्षा नियमावली, 2018 का सीधा उल्लंघन है।
यह घोर शिथिलता परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थियों और पर्यवेक्षकों (इन्विजिलेटर्स) के लिए एक बड़ा झटका थी। अभ्यर्थियों ने इस घटना के बाद केंद्र पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और इस कृत्य की कड़ी निंदा की। इस उपद्रव को नियंत्रित करने में प्रारंभिक पुलिस बल असमर्थ रहा, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने तत्काल नियंत्रण प्राप्त किया और मामले की जांच शुरू की।
इसके पश्चात, फर्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक (एस पी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। उन्होंने सी सी टी वी फुटेज की सहायता से उन उपद्रवियों की पहचान की और उन्हें चिन्हित किया। इसके पश्चात स्थानीय पुलिस द्वारा तत्काल एफ आई आर दर्ज की गई और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। अभ्यर्थियों के अपमान और भविष्य के साथ खिलवाड़ को देखते हुए, प्रशासन ने परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया। आगामी परीक्षा के लिए एक नई तिथि की घोषणा की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोका जा सके।
इस घटना के बाद राज्य के उच्च स्तरीय अधिकारियों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का वादा किया है। इस घटना ने सरकारी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और राज्य में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया है। अभ्यर्थियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द दंडित किया जाए ताकि उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत व्यर्थ न जाए।
Share this story